नर्स कैसे बने -नर्स बननें के लिए क्या करे

नर्स का पद एक सम्मानजनक पद है, डॉक्टर और शिक्षक की तरह नर्सिंग एक ऐसा पेशा है, जिनकी सेवाओं को पैसे के किसी भी राशि के साथ उसका मूल्य नहीं लगाया जा सकता है , एक मरीज़ का इलाज डॉक्टर करता है, परन्तु उस मरीज़ की देखभाल नर्स करती है, तथा उन्हें समय के अनुसार दवाएं देती है, वर्तमान समय में नर्सिंग एक बेहतर करियर का विकल्प है, यदि आप नर्सिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है, तो आपको इससे सम्बंधित जानकारी इस पेज पर दे रहें है |

ऐसे बनें नर्स

नर्सिंग के क्षेत्र में डिग्री और डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट एवं सर्टिफिकेट अनेक प्रकार के कोर्स होते हैं, छात्र अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार कोर्स का चयन करते है, नर्सिंग से सम्बंधित कोर्स इस प्रकार है – 

  • बीएससी नर्सिंग (B.Sc नर्सिंग)
  • जीएनएम (General Nursing and Midwifery)
  • एएनएम ( Auxiliary Nurse Midwife/ health Worker )

1.बीएससी नर्सिंग

बीएससी नर्सिंग करनें के लिए अभ्यर्थी की शैक्षिणक योग्यता बारहवीं कक्षा भौतिकी रसायन व बायोलॉजी कम से कम 50% अंक से उत्तीर्ण होना चाहिए,  इस कोर्स की सरकारी कॉलेज की फीस लगभग 30000 रु० और प्राइवेट कॉलेज की फीस लगभग एक लाख होती है ।

नौकरी की संभावनाएं

इस नर्सिंग कोर्स को करनें के पश्चात आपको अस्पतालों में स्टाफ नर्स के पद पर नियुक्त किया जाता है, दो या तीन वर्ष का अनुभव प्राप्त करनें के पश्चात आप वार्ड सिस्टर का पद प्राप्त हो जाता है, नर्सिंग करनें  के बाद आप सरकारी और निजी अस्पतालों में नौकरी कर सकते हैं, इसके अतिरिक्त आप कम्युनिटी हेल्थ नर्सेस, स्पेशल क्लिनिक व केयर सेंटर, स्कूल हेल्थ नर्सेस, इंडस्ट्रीयल नर्स और आर्म्ड फोर्सेस, ड्रग कंपनी और काउंसलिंग सेंटर में भी नौकरी कर सकते हैं, साथ ही आप नर्सिंग कॉलेजों में टीचर भी बन सकते हैं । बीएससी नर्सिंग करनें के पश्चात अपनी रूचि के अनुसार,  सेना में नर्स बनने हेतु आवेदन कर सकते हैं ।

बीएससी नर्सिंग का पाठ्यक्रम

प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष तृतीय वर्ष चतुर्थ  वर्ष
एनाटॉमी नागरिक शास्त्र दाई का काम और प्रसूति नर्सिंग दाई का काम और प्रसूति नर्सिंग
फिजियोलॉजी औषध लाइब्रेरी कार्य सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग- II
पोषण पैथोलॉजी और जेनेटिक्स सह पाठ्यक्रम गतिविधियां नर्सिंग रिसर्च एंड स्टेटिस्टिक्स
जीव रसायन लाइब्रेरी कार्य मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग नर्सिंग सर्विसेज और शिक्षा का प्रबंधन
हिंदी या क्षेत्रीय भाषा सह पाठ्यक्रम गतिविधियां बाल स्वास्थ्य नर्सिंग लाइब्रेरी कार्य
लाइब्रेरी कार्य मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग सह पाठ्यक्रम गतिविधियां
सह पाठ्यक्रम गतिविधि सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग ——- दाई का काम और प्रसूति नर्सिंग
नर्सिंग फाउंडेशन संचार और शैक्षिक प्रौद्योगिकी ——- ——-
मनोविज्ञान नागरिक शास्त्र ——- ——-
कीटाणु-विज्ञान औषध ——- ——-
कंप्यूटर का परिचय पैथोलॉजी और जेनेटिक्स ——- ——-

 

2.जीएनएम

जीएनएम का फुल फॉर्म जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी होता है, इस कोर्स को छात्र और छात्राए दोनों कर सकते  है, इस पाठ्यक्रम के लिए अभ्यर्थी को पीसीबी से बारहवीं उत्तीर्ण होना चाहिए तथा अंग्रेजी में कम से कम 40 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य होता है | इस पाठ्यक्रम की अवधि तीन वर्ष होती है, पाठ्यक्रम कम्पलीट होनें के बाद आपको रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्राप्त होता है | कोर्स करनें  के बाद आप सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं, और प्राइवेट हॉस्पिटल या सरकारी संस्थान में संविदा पर नौकरी कर सकते है | इस कोर्स की सरकारी कॉलेज की फीस  लगभग 30000 रु० और प्राइवेट कॉलेज की फीस  लगभग एक लाख होती है ।

जीएनएम का पाठ्यक्रम

प्रथम वर्ष द्वितीय वर्ष तृतीय वर्ष
जैविक विज्ञान मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग I मिडवाइफरी और गायनोकोलॉजी नर्सिंग
शरीर रचना विज्ञान और शरीर विज्ञान मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग- II
कीटाणु-विज्ञान औषध बाल चिकित्सा नर्सिंग
व्यावहारिक विज्ञान मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग II इंटर्नशिप अवधि
मनोविज्ञान संचारी रोग नर्सिंग शैक्षिक तरीके और मीडिया
नागरिक सास्त्र आर्थोपेडिक नर्सिंग अनुसंधान के लिए परिचय
नर्सिंग की बुनियादी बातें कान, नाक और गला व्यावसायिक रुझान और समायोजन
प्राथमिक चिकित्सा कैंसर विज्ञान / त्वचा प्रशासन और वार्ड प्रबंधन
व्यक्तिगत स्वच्छता ऑप्थाल्मिक नर्सिंग स्वास्थ्य अर्थशास्त्र
सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग मानसिक स्वास्थ्य और मनोरोग नर्सिंग मिडवाइफरी और गायनोकोलॉजी नर्सिंग
पर्यावरण स्वच्छता मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग I सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग- II

3.एएनएम

ए.एन.एम की फुल फॉर्म सहायक नर्स मिडवाइफ होता है, इस डिप्लोमा कोर्स में छात्र को इलाज के दौरान उपयोग होनें वाले उपकरणों  के रखरखाब और उनको उपयोग करने की जानकारी दी जाती है,  ए .एन.एम कोर्स को सिर्फ लड़किया ही आवेदन कर सकती है, इस पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष होती है |

इस पाठ्यक्रम के लिए अभ्यर्थी को दसवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है,तथा अभ्यर्थी की आयु 17 से 35 वर्ष की मध्य होना चाहिये |  इसमें आवेदक को संबंधित संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्राप्त होता है | इस प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद एक निजी या राज्य चलाये जानें वाले स्वास्थ्य देखभाल केंद्र या अस्पताल में स्वास्थ्य देखभाल के सहायक के रूप में सम्मिलित हो सकते हैं, इस पाठ्यक्रम की सरकारी कालेज में फीस लगभग  3-4 हजार और निजी कालेज में लगभग 10 हजार रुपये होती है ।

एनएम का पाठ्यक्रम

सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग प्राथमिक चिकित्सा
पोषण प्राथमिक चिकित्सा देखभाल
पर्यावरण स्वच्छता संचारी रोग
स्वच्छता सामुदायिक स्वास्थ्य समस्याओ
संक्रमण और टीकाकरण बाल स्वास्थ्य देखभाल
दाई का काम, स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन मानसिक स्वास्थ्य

वेतनमान

इस क्षेत्र में शुरूआत में आपको 7 से 17 हज़ार रूपये तक मासिक वेतन मिलता है,  मिड-लेवल पदों पर नर्स को 18 से 37 हज़ार रूपये तथा अधिक अनुभवी नर्सों को 48 से 72 हज़ार रूपये मासिक वेतन के रूप में मिलते हैं |

नर्सिंग हेतु ऐसे करें तैयारी

नर्सिंग के क्षेत्र में अनेक प्रकार के कोर्स होते हैं, इसमें डिप्लोमा, अंडर ग्रेजुएट एवं सर्टिफिकेट आदि, इन सभी का पाठ्यक्रम, तथा कोर्स की अवधि अलग-अलग होती है, नर्सिंग में करियर बनानें हेतु कोर्स के अनुसार तैयारी करनी होगी, जैसे जीएनएम कोर्स की अवधि तीन वर्ष है,और तीनो वर्षो के पाठ्यक्रम अलग-अलग है, इसकी तैयारी इसके पाठ्यक्रम के अनुसार करनी चाहिये |

यहाँ आपको हमनें नर्स बननें के बारे में बताया, यदि इस जानकारी से सम्बन्धित आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्न आ रहा है, अथवा इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो कमेंट बाक्स के माध्यम से पूँछ सकते है,  हम आपके द्वारा की गयी प्रतिक्रिया और सुझावों का इंतजार कर रहें है |

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