12वीं के बाद करें नर्सिंग, मौके की कमी नहीं

नर्सों की मांग दुनियाभर में बढ़ी है। इसी कारण इस पेशे की तरफ युवाओं का रूझान भी बढ़ा है। नर्सिंग के क्षेत्र में बहुत कुछ नया हो रहा है। सरकार की 130 जरनल नर्सिंग मिडवाइफरी और 130 ऑग्जिलरी नर्सिंग मिडवाइफ स्कूल खोलने की योजना है। इनके अलावा विभिन्न राज्यों में राज्य नर्सिंग परिषद और नर्सिंग सेल को भी मजबूत बनाया जाएगा। नर्सिंग के क्षेत्र में अब महिलाओं के साथ पुरूष भी बड़ी संख्या में भागीदारी कर रहे हैं। विदेशों में नर्सिंग के सुनहरे मौकों ने भारत से नर्सों की बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित किया है, जिससे अपने देश में ही नर्सिंग पेशेवरों की संख्या में भारी गिरावट आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस स्थिति में सुधार लाने के लिए पूरी नर्सिंग व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है।

क्या है काम? नर्सों की कार्यक्षमता के हिसाब से उनकी भूमिकाओं को इस तरह विभाजित किया जा सकता है। जैसे जनरल नर्स, ये हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और चिकित्सालय संस्थानों में नर्सिंग का काम करने वालों को जरनल नर्स कहा जाता है। उनके मुख्य कार्य में मरीजों की देखभाल, डॉक्टर के काम में सहयोग और प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल हैं। इसके बाद मिडवाइफः इस श्रेणी में वह नर्स आती हैं, जिनकी विशेषज्ञता गर्भवती महिलाओं का ख्याल रखना और चाइल्डबर्थ के दौरान सहायता मुहैया करना है। इसके अलावा हेल्थ वर्कर के रूप में भी काम करते हैं। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को चिकित्सकीय उपलब्ध कराने वाले नर्सिंग से जुड़े लोग हेल्थ वर्कर कहलाते हैं।

करियर के तौर पर चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पतालों का काम-काज इस दौर में बहुआयामी हुआ है। अब सिर्फ उपचार नहीं बल्कि सेवा सत्कार पर भी ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा मेडिकल टूरिजम को बढ़ावा मिला है। विदेशों से उपचार के लिए आए पेशंट हर लिहाज से अच्छी सविधा चाहते हैं। इन बदलावों ने नर्सिंग के करियर को भी नए आयाम दिए हैं।

जानकारों के मुताबिक नर्सिंग में कई स्तर पर कोर्स उपलब्ध है। ऑग्जिलरी नर्स मिडवाइफरी (एएनएम) कोर्स में 12वीं के बाद प्रवेश लिया जा सकता है। जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) के लिए भी न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी गई है।

कुछ विशेष है यह इस क्षेत्र में बेहतर संभावनाओं के लिए कार्डियॉलजी, नेफ्रॉलजी, क्रिटिकल केयर, ऑन्कॉलजी आदि सुपर स्पेशलिटी में मास्टर डिग्री, एमफिल और पीएचडी भी की जा सकती है। नर्सिंग की बेसिक पढ़ाई के आधार पर स्टाफ नर्स की नौकरी मिल सकती है, लेकिन कुछ अनुभव और किसी क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन बेहतर मौका दिला सकता है।

कहां मिलेंगे मौके नर्सिंग का कार्यक्षेत्र केवल मरीजों की देखभाल करने तक ही सीमित नहीं है। योग्य नर्सों के लिए एजुकेशन, ऐडमिन और रिसर्च से संबंधित काम के भी मौके मिलते हैं। जानकार इस बात को मानते हैं कि अमूमन नर्सिंग से जुड़े लोग बेरोजगार नहीं रहते। वे किसी भी निजी या सरकारी हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, अनथालय, वृद्धाश्रम, इंडस्ट्रीज, सेनेटोरियम और सैन्य बलों में भी जॉब प्राप्त कर लेते हैं। इनके अलावा अन्य सरकारी विभागों में इनकी जरूरत होती है।

भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, पुणे, महराष्ट्र

श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई, छत्तीसगढ़

दिल्ली पैरामेडिकल ऐंड मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, नई दिल्ली

केएमसीएच कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कोयंबटूर, तमिलनाडु
(संस्थानों के नाम केवल संकेत के लिए हैं)

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